शुक्रवार, 15 मार्च 2013

कृति : नेह के अंकुर


पुस्तक परिचय

कृति : नेह के अंकुर (गीत -गज़ल-कविता-संग्रह)
रचनाकार : सतीश 'सार्थक'
एच-6-ई/सी, रेलवे हरथला कालोनी, मुरादाबाद (उ.प्र.) 244001
मोबाइल : 9927402499, 9760530740
ISBN : 978-93-80753-09-6
संस्करण : प्रथम
प्रकाशन वर्ष : 2012
संख्या : पाँच सौ
पृष्ठ : 128
मूल्य : 150 रुपये
शब्द संयोजन : सरस्वती कम्पयूटर्स, मुरादाबाद (उ.प्र.)
प्रकाशक : गुंजन प्रकाशन,
सी-130, हिमगिरी कालोनी, कांठ रोड मुरादाबाद (उ.प्र.)
दूरभाष : 0591 2454422, मोबाइल : 9927376877


NEH KE ANKUR BY SATISH 'SARTHAK'

राष्ट्रभाषा हिन्दी प्रचार समिति की मासिक कवि-गोष्ठी

 राष्ट्रभाषा हिन्दी प्रचार समिति की मासिक कवि-गोष्ठी
             
                    14 मार्च, 2013 को राष्ट्रभाषा हिन्दी प्रचार समिति की ओर से संस्था के संरक्षक योगेन्द्र पाल सिंह विश्नोई के निवास लाईनपार मुरादाबाद मे मासिक कवि-गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण करके की गयी।
अंकित गुप्ता अंक
                     इस अवसर पर कवियो ने होली तथा भाईचारे की  भावना से ओतप्रोत एवं समाज के वर्तमान परिपेक्ष्य से सम्बन्धित कविताओ द्वारा अपने हृदय के उद्गार व्यक्त किये। कार्यक्रम की अध्यक्षता पुष्पेन्द्र वर्णवाल ने की। मुख्य अतिथि श्री अशोक विश्नोई तथ विशिष्ट अतिथि ओंकार सिंह ओंकार रहे। सरस्वती वन्दना अंकित गुप्ता अंक और संचालन रामसिंह निःशंक ने किया।
                     गोष्ठी मे जितेन्द्र कुमार जौली, रामेश्वर प्रसाद वशिष्ठ, रघुराज सिंह निश्चल, रामदत्त द्विवेदी, यूपी सक्सेना अस्त, शिवावतार सरस, विकास मुरादाबादी, महेश दिवाकर आदि ने काव्यपाठ किया।


कृति : श्वासों के सप्तम्


 पुस्तक परिचय


कृति : श्वासों के सप्तम् (गीत -गज़ल-संग्रह)

रचनाकार : सतीश 'सार्थक'
एच-6-ई/सी, रेलवे हरथला कालोनी, मुरादाबाद (उ.प्र.) 244001
मोबाइल : 9927402499, 9760530740
ISBN : 978-93-80753-05-8
संस्करण : प्रथम
प्रकाशन वर्ष : 2011
संख्या : पाँच सौ
पृष्ठ : 96
मूल्य : 100 रुपये
शब्द संयोजन : सरस्वती कम्पयूटर्स, मुरादाबाद (उ.प्र.)
प्रकाशक : गुंजन प्रकाशन,
सी-130, हिमगिरी कालोनी, कांठ रोड मुरादाबाद (उ.प्र.)
दूरभाष : 0591 2454422, मोबाइल : 9927376877


SHWASON KE SAPTAM BY SATISH 'SARTHAK'

सोमवार, 11 मार्च 2013

अंतरा की मासिक कवि गोष्ठी

 अंतरा की मासिक कवि गोष्ठी

                                      दिनाँक 10 मार्च, 2013 को साहित्यिक संस्था अंतरा की ओर से हरगुलाल बिल्डिंग कटरा ऩाज, मुरादाबाद में मासिक कवि-गोष्ठी का आयोजन किया गया।
                                      कार्यक्रम की शुरुआत माँ शारदे के चित्र पर माल्यार्पण करके की गई। इसके बाद रचनाकारों ने काव्यपाठ किया।
                                     कार्यक्रम मे मक्खन मुरादाबादी, कृष्ण कुमार नाज़, शिवअवतार सरस, रामदत्त द्विवेदी, विकास मुरादाबादी, वीरेन्द्र सिंह ब्रजवासी, ओमकार सिंह ओमकार, ज़िया जमीर, मनोज रस्तोगी, अजय अनुपम, सुप्रीत गोपाल, पूनम श्रीवास्तव आदि ने भाग लिया।

प्यार पर ही यह टिका संसार है (ग़ज़ल)- सतीश गुप्ता 'फ़िगार'

प्यार पर ही यह टिका संसार है (ग़ज़ल)

सतीश गुप्ता 'फ़िगार'

प्यार पर ही यह टिका संसार है।
प्यार जीवन का सुदृढ़ आधार है॥

बात ये सच है मुझे स्वीकार है।
ज़िंदगी तेरे बिना दुशवार है॥

सच कहूँ तो आपसी विश्वास ही।
सृष्टी के व्यापार का आधार है॥

वह कभी भी हाथ फैलाता नहीं।
है ज़रूरतमंद पर खुद्दार है॥

एक पल को जो कभी रुकती नहीं।
दोस्तो वो वक्त की रफ़्तर है॥

दर्द जिसमें हो न वह दिल, दिल नहीं।
ग़म न हो तो ज़िंदगी बेकार है॥

देश की सबसे बड़ी है त्रासदी।
बिलखता भूख से फ़नकार है॥

हम मिले भी तो भला कैसे मिलें।
बीच मे मन-भेद की दीवार है॥

-सतीश गुप्ता 'फ़िगार'
2/274, बुद्धिविहार, दिल्ली
 रोड, मुरादाबाद (उ.प्र.) 
 SATISH GUPTA FIGAAR

शनिवार, 9 मार्च 2013

कैसी मजबूरी है (गीत) - अशोक विश्नोई

 कैसी मजबूरी है (गीत)


अपना तो हर गीत अधूरा, बात अधूरी है।
मर- मर के जीना पड़ता, कैसी मजबूरी है॥

बरगद सी ठंडी छाया यदि कहीं न मिल पाये,
हारा थका बटोही बोलो कैसे सुख पाये।

अन्धकारमय लक्ष्य और, मीलो की दूरी है।
अपना तो हर गीत अधूरा, बात अधूरी है॥

घर से निकल पड़ा हूँ, मेरे साथ नही कोई।
मुझे सहारा दे, ऐसा भी हाथ नहीं कोई॥

ऐसे में साथी का होना, बहुत जरूरी है।
अपना तो हर गीत अधूरा, बात अधूरी है॥

-अशोक विश्नोई
डी-12 अवन्तिका कॉलोनी, 
एम.डी.ए., मुरादाबाद- 244001 (उ.प्र.)

ASHOK VISHNOI

बुधवार, 6 मार्च 2013

हिन्दी साहित्य संगम की कवि गोष्ठी

 हिन्दी साहित्य संगम की कवि गोष्ठी

                         दिनाँक 3 मार्च, 2013 को हिन्दी साहित्य संगम की ओर से आकाँक्षा विद्यापीठ मिलन विहार, मुरादाबाद में मासिक कवि-गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत माँ शारदे के चित्र पर माल्यार्पण करके की गई। इसके बाद रचनाकारों ने काव्यपाठ किया।
काव्यपाठ करते हुए श्री विवेक 'निर्मल'
                        कार्यक्रम मे योगेन्द्र वर्मा व्योम, रामसिंह नि:शंक, गिरीश चन्द्र गुप्ता, रघुराज सिंह निश्चल, रामदत्त द्विवेदी, जितेन्द्र कुमार जौली, परवाना कुहाड़िया, विकास मुरादाबादी, वीरेन्द्र सिंह ब्रजवासी, रवि चतुर्वेदी, महेश दिवाकर, विवेक निर्मल, दयाराम पुरुषार्थी, राजीव वर्मा आदि ने काव्यपाठ किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री  ब्रजभूषण गौतम अनुराग ने की।
                        मुख्य अतिथि डॉ0 अशोक विश्नोई तथा विशिष्ट अतिथि राजेन्द्र मोहन शर्मा श्रृंग एवं अम्बरीष गर्ग रहे। कार्यक्रम का संचालन योगेन्द्र वर्मा व्योम ने किया एवं सरस्वती वन्दना सतीश सार्थक ने प्रस्तुत की।