रविवार, 7 फ़रवरी 2016

श्री राजीव 'प्रखर'

परिचय : श्री राजीव 'प्रखर'



नाम : राजीव कुमार सक्सेना
साहित्यिक नाम : राजीव 'प्रखर'
जन्म तिथि : 4 जून, 1977
जन्म स्थान : डिप्टी गंज, मुरादाबाद (उ. प्र.)
पिता का नाम : स्व. श्री कृष्ण कुमार सक्सेना
माता का नाम : श्रीमती सरला रानी सक्सेना
पत्नी : श्रीमती रितु सक्सेना
शिक्षा : एम. ए. (अर्थशास्त्र)
व्यवसाय : ग्राफ़िक डिजाइनिंग
लेखन विधाएं : हास्य-व्यंग्य, मुक्तक, ओज गीत, ग़ज़ल आदि
रुचि : साहित्य, क्रिकेट, सामान्य जानकारी
प्रकाशित कृतियाँ : अनेक पत्र पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित
सम्मान : हिन्दी साहित्य संगम, मुरादाबाद द्वारा 'सारस्वत सम्मान' (२०१५), प्रेस क्लब ऑफ़ मुरादाबाद द्वारा सम्मान (2014), गोल्डन गेट ग्लोबल स्कूल, मुरादाबाद द्वारा 'हिन्दी दिवस सम्मान' (2015), मघुकर स्मृति ट्रस्ट, मुरादाबाद सम्मान (2015), प्रधानमंत्री रोज़गार सृजन कार्यक्रम आंचलिक प्रदर्शनी (2015) में सम्मानित
विशेष : उपसचिव 'राष्ट्रभाषा हिन्दी प्रचार समिति, मुरादाबाद, व उपसचिव 'हिन्दी साहित्य संगम, मुरादाबाद
पता : निकट राधा कृष्ण मन्दिर, मौहल्ला डिप्टी गंज, मुरादाबाद (उ. प्र.)-244 001
सम्पर्क सूत्र - 08941912642

Rajeev 'Prakhar'

शुक्रवार, 29 जनवरी 2016

ज़िया ज़मीर की ग़ज़ल

ग़ज़ल


ज़िन्दगी से थकी थकी हो क्या
तुम भी बे वज्ह जी रही हो क्या

देख कर तुम को खिलने लगते हैं
तुम गुलों से भी बोलती हो क्या

तुम को छूकर चमकने लगता हूँ
तुम कोई नूर की बनी हो क्या

मैं तो मुरझा गया हूँ अब के बरस
तुम कहीं अब भी खिल रही हो क्या

इस क़दर जो सजी हुई हो तुम
मेरी ख़ातिर सजी हुई हो क्या

आज यह शाम भीगती क्यों है
तुम कहीं छिप के रो रही हो क्या

सोचता हूँ तो सोचता यह हूँ
तुम मुझे अब भी सोचती हो क्या

इसकी ख़ुशबू नहीं रही वैसी
शहर से अपने जा चुकी हो क्या


-ज़िया ज़मीर
पता : जेड बुक डिपो, चौकी हसन खाँ
मुरादाबाद (उ0प्र0)
सम्पर्क सूत्र : 9319053181, 
87556 81225‬

मंगलवार, 26 जनवरी 2016

मनोज 'मनु' की रचना - स्वराष्ट्र को नमन सतत्


         स्वराष्ट्र को नमन सतत्.....




स्वराष्ट्र को नमन सतत्....

ये सर्व धर्म सन्मति की 
                प्रेरणा का स्रोत है,
अहिंसा ओर दया की 
           भावना से ओतप्रोत है
समस्त विश्व हित यहाँ 
         ऋषि मुनि हैं जप में रत
स्वराष्ट्र को नमन सतत्....

ये राष्ट्र श्रेष्ठतम् यहाँ
               प्रभु विराजमान हैं,
जो इसकी सुधि न लें तो
        जन्म शत् मृषा समान हैं,
ये ऋण है धर्म से महान
              कर्म से न हों विरत,,
स्वराष्ट्र को नमन सतत्.....

 गणतन्त्र में स्वराष्ट्र की 
              महान है उपासना,
गणतन्त्र में प्रजा हितोंकी
               होवे न अवहेलना,
गणतन्त्र में स्वतन्त्रता की 
             भावनाएं हों निरत...
स्वराष्ट्र को नमन सतत् ....।।

                         - मनोज 'मनु'
            लाइनपार, मुरादाबाद (उ.प्र.)
            सम्पर्क सूत्र : 9411077122

शनिवार, 23 जनवरी 2016

शकुंतला प्रकाश गुप्ता साहित्य विभूति सम्मान समारोह

शकुंतला प्रकाश गुप्ता साहित्य विभूति सम्मान समारोह


दिनांक 19 जनवरी 2016 को मानसरोवर कन्या इंटर कालेज, मुरादाबाद में मानसरोवर एजुकेशन फाउंडेशन द्वारा साहित्य और कला विभूति सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह का आयोजन फाउंडेशन की संस्थापिका व शिक्षाविद् स्व. शकुंतला प्रकाश गुप्ता की पुण्य स्मृति पर किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ बतौर अतिथि मौजूदा पुलिस उप महानिरीक्षक श्री ओंकार सिंह, वन संरक्षक कमलेश कुमार, संयुक्त शिक्षा निदेशकयोगेंद्र नाथ सिंह एवं विद्यालय प्रबंधक श्री ओमप्रकाश गुप्ता ने दीप प्रज्जवलन के साथ किया। तदुपरांत संगीतकार शिल्पी सक्सेना एवं राकेश कुमार ने सरस्वती वंदना एवं भजन प्रस्तुत कर शमा बांध दिया।


कार्यक्रम में सम्मानित किये गये व्यक्तित्व एवं अतिथिगण


 श्री ओंकार सिंह, श्री कमलेश कुमार, श्री योगेंद्र नाथ सिंह एवं श्री ओमप्रकाश गुप्ता के कर-कमलों से संगीत के क्षेत्र में भातखंडे संगीत संस्थान, लखनऊ (उ.प्र.) से डॉ ऊषा बनर्जी, एमआईटी शिक्षण संस्थान, मुरादाबाद के संस्थापक शिक्षाविद् श्री आदर्श अग्रवाल,समाज सेवी श्री लक्ष्मण प्रसाद खन्ना, वेब पत्रिका पूर्वाभास के संपादक, साहित्यकार डॉ अवनीश सिंह चौहान एवं समाजसेवी श्री विचित्र शर्मा को 'शकुंतला प्रकाश गुप्ता साहित्य एवं कला विभूति सम्मान' से सम्मानित किया गया। साथ ही चित्रकला प्रतियोगिता में भाग लेने वाले विद्यालय के छात्र-छात्राएं को प्रशस्तिपत्र प्रदान किये गए। ये सम्मान पुलिस उप महानिरीक्षक श्री ओंकार सिंह, वन संरक्षक कमलेश कुमार, संयुक्तशिक्षा निदेशक योगेंद्र नाथ सिंह एवं विद्यालय प्रबंधक श्री ओमप्रकाश गुप्ता के कर कमलों से प्रदान किया गया। इस अवसर पर साहित्यकारों व कलाकारों ने अपनी कला व काव्य पाठ की प्रस्तुतियाँ दीं।



अपने उद्बोधन में सम्मानित व्यक्तित्वों को बधाई देते हुए पुलिस उप महानिरीक्षक श्री ओंकार सिंह ने कहा कि स्व शकुंतला प्रकाश गुप्ता की स्मृति में किया गया यह आयोजन अपने आप में बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे साहित्य, कला एवं संगीत के क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों को प्रोत्साहन मिलेगा। समाजसेवी लक्ष्मण प्रसाद खन्ना ने स्व शकुंतला प्रकाश गुप्ता की स्मृतियों को नमन करते हुए उनके जीवन से जुडी कुछ घटनाओं को जिक्र किया और सभी अतिथियों/आगंतुकों को कार्यक्रम में पधारने के लिए आभार व्यक्त किया। शब्दों के जादूगर बाबा संजीव आकांक्षी ने कहा कि यह विद्यालय परिवार एक लम्बे अरसे से इस महानगर में बेहतरीन कार्य कर रहा है, जिसकी जितनी प्रसंशा की जाय कम है। बड़े भाई जुगनू जादूगर जी ने कहा कि मेरी माताजी स्व शकुंतला प्रकाश गुप्ता जी मेरी प्रेरणाश्रोत रहीं हैं। इस कार्यक्रम के बहाने हम उन्हें याद तो करते ही हैं, उनके कृतित्व से छात्र छात्राओं को प्रेरणा भी मिलती है।

इस मौके पर विशिष्ट अतिथि वन संरक्षक श्री कमलेश कुमार, जेडी श्री योगेन्द्र नाथ सिंह, नागरिक सुरक्षा के सहायक उपनियंत्रक श्री ऋषि कुमार, आचार्य राजेश शर्मा, डॉ जगदीप कुमार, सुश्री रीता सिंह, श्री परवेन्द्र सिंह, श्री पंकज गुप्ता, श्री संतराम दास, डॉ दीपक राज गर्ग, श्री संजीव ठाकुर, डॉ हिमांशु यादव, डॉ बीएन के जौहरी, श्री अशोक अग्रवाल, श्री पंकज कुमार गुप्ता, श्री विनय कुमार गुप्ता, श्री राजीव विश्नोई, श्री उदय 'अस्त', डॉ. पूनम बंसल, श्री रामदत्त द्विवेदी, श्री रामेश्वर वशिष्ठ, श्री जितेंद्र कुमार जौली, श्री धवल दीक्षित, श्री डी डी गुप्ता, श्री अनुज गुप्ता एडवोकेट, श्री परविन्द्र सिंह, श्री ललित शेखावत, सुश्री सुनीता सिंघल एडवोकेट, श्री वी राज, श्री शोभित गुप्ता, श्री हर्षित गुप्ता, विद्यालय के छात्र-छात्राएं एवं स्टॉफ सहित अनेकों गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संयोजन समाजसेवी श्री ओमप्रकाश गुप्ता और बेहतरीन संचालन डॉ अम्बरीश गर्ग ने किया।

ब्रजभूषण सिंह गौतम 'अनुराग' की पुस्तक 'बर्न्स विदिन' का लोकार्पण

ब्रजभूषण सिंह गौतम 'अनुराग' की पुस्तक 'बर्न्स विदिन'  का किया गया लोकार्पण

 आकांक्षा विद्यापीठ के सभागार में डॉ अवनीश सिंह चौहान द्वारा अनूदित वरिष्ठ साहित्यकार श्री ब्रजभूषण सिंह गौतम 'अनुराग' की पुस्तक 'बर्न्स विदिन' 'Burns Within' (हिन्दी कविताओं का अंग्रेजी मेंअनुवाद) का लोकार्पण प्रो आर सी शुक्ला, श्री रमेश चन्द्र शर्मा 'विकट', डॉ ए के गुप्ता, डॉ सुधीर कुमार अरोड़ा, श्री अशोक विश्नोई, डॉ अम्बरीष गर्ग, श्री राजीव सक्सैना, डॉ सत्यवीर सिंह चौहान, श्री हिमांशु यादव एवं श्री योगेन्द्र रस्तौगी ने किया।



ब्रजभूषण सिंह गौतम 'अनुराग' की पुस्तक 'बर्न्स विदिन' का लोकार्पण करते साहित्यकार

कार्यक्रम का शुभारम्भ मां वागेश्वरी के समक्ष दीप प्रज्जवलन एवं डॉ प्रेमवती उपाध्याय द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ। तत्पश्चात इस कृति के रचनाकार ब्रज भूषण सिंह गौतम 'अनुराग' ने हिन्दी में अपनी दो कविताओं का पाठ किया और अनुवादक डॉ अवनीश सिंह चौहान ने उन्हीं कविताओं का अंग्रेजी अनुवाद प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अंग्रेजी भाषा के वरिष्ठ कवि प्रोफ़ेसर आर सी शुक्ला ने कहा कि अनुवाद एक कठिन प्रक्रिया है, इसलिए अनुवाद किसी मौलिक रचना के सृजन से कहीं अधिक समय, शक्ति और समझ की मांग करता है। इस दृष्टि से डॉ चौहान का यह अनुवाद कार्य उत्कृष्ट एवं सराहनीय है।



कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बरेली से पधारे पूर्व एमएलसी एवं वरिष्ठ साहित्यकार रमेश चन्द्र शर्मा 'विकट' ने कहा कि यह पुस्तक 'वसुधैव कुटुम्बकम' की भावना को व्यक्त करती है। अनुवाद होने से देश-दुनिया के पाठकों तक यह बात पहुंचेगी। अतः रचनाकार और अनुवादक दोनों को बहुत-बहुत बधाई। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि अंग्रेजी के चर्चित आलोचक एवं कवि डॉ सुधीर कुमार अरोड़ा ने कहा कि डॉ अवनीश चौहान अंग्रेज़ी के लेखकतो हैं ही, हिन्दी साहित्य में भी काफी सक्रिय हैं। यानी कि वह दोनों भाषाओँ का:संस्कार रखते हैं। इसलिए यह कहा जा सकता है कि उनके द्वारा किया गया यह अनुवाद कार्य महत्वपूर्ण एवं पठनीय है।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि प्रोफ़ेसर डॉ ए के गुप्ता ने कहा कि मुरादाबाद में किसी रचनाकार की रचनाओं का अनुवाद पहली बार पुस्तकाकार हुआ है। इसलिए इस पुस्तक ने अपने शहर को गौरवान्वित किया है। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार एवं संपादक अशोक विश्नोई ने कहा कि गौतम जी का नाम मुरादाबाद के प्रमुख साहित्यकारों में शुमार हैं। इंटरनेट पर बर्न्स विदिन ब्लॉग (http://burnswithin.blogspot.in/) पर अनुवाद प्रकाशित होने से उन्हें अब विश्वभर में पढ़ा जा रहा है। यह उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि है। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता हिन्दी के चर्चित लेखक एवं आलोचक राजीव सक्सैना ने कहा कि अनुराग जी की रचनाएँ भारतीय जीवन एवं संस्कृति को बड़ी सजगता एवं संवेदनशीलता से उद्घाटित करती है। अब अनूदित रचनाओं के माध्यम से रचनाकार की व्यापक पहचान बन सकती है।

शुक्रवार, 15 जनवरी 2016

राष्ट्रभाषा हिन्दी प्रचार समिति का मकर संक्रान्ति कार्यक्रम


राष्ट्रभाषा हिन्दी प्रचार समिति का मकर संक्रान्ति कार्यक्रम 



                15 जनवरी 2016 को राष्ट्रभाषा हिन्दी प्रचार समिति की ओर से मकर संक्रान्ति के पावन पर्व पर विश्नोई धर्मशाला, लाइनपार, मुरादाबाद मेँ कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण करके की गयी।
काव्यपाठ करते हुए डाॅ. अवनीश सिंह चौहान

                                 कार्यक्रम में रामसिंह निःशंक, योगेंद्र विश्नोई, जितेन्द्र कुमार जौली, अंकित गुप्ता अंक, कृपाल सिंह धीमान, उदय अस्त, प्रदीप शर्मा, अशोक विश्नोई, अम्बरीष गर्ग, रघुराज सिंह निश्चल, अवनीश सिंह चौहान, ब्रजभूषण सिंह गौतम अनुराग, रामेश्वर प्रसाद वशिष्ट आदि ने काव्यपाठ किया।

                                इस अवसर पर गरीबों को कम्बल वितरित किये गये तथा खिचड़ी भोज भी कराया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता रमेश चन्द्र गुप्ता ने की। मुख्य अतिथि यशपाल सिंह खामोश तथा विशिष्ट अतिथि धवल दीक्षित रहे। सरस्वती वन्दना रामसिंह निःशंक ने की तथा संचालन अंकित गुप्ता अंक ने किया।




काव्य