शनिवार, 23 फ़रवरी 2013

स्त्री आर्य समाज का कवि-सम्मेलन

स्त्री आर्य समाज का कवि-सम्मेलन
                             
अम्बरीष गर्ग
                               दिनाँक 19 फरवरी, 2013 को स्त्री आर्य समाज की ओर से मुरादाबाद में कवि-सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यर्पण करके की गयी।
                               इस अवसर पर कवियों ने सामाजिक, देशभक्तिपूर्ण एवं हास्य-व्यंग्य की रचनाएँ प्रस्तुत की। काव्यपाठ करने वालो में रवि चतुर्वेदी, जितेन्द्र कुमार जौली, अशोक विश्नोई, डा. प्रेमवती उपाध्याय, फक्कड़ मुरादावादी, योगेन्द्र वर्मा व्योम, अम्बरीष गर्ग, संयम वत्स मनु, रघुराज सिंह निश्चल, रामसिंह निःशंक शामिल रहे। कार्यक्रम का संचालन अम्बरीष गर्ग ने किया।
                              इस अवसर पर सुधा आर्य, निर्मल आर्य, निष्ठा वेदालंकार, कल्पना, शशिबाला, कनकलता, सोमप्रभा, अखिलेश, रूपम रस्तोगी, रमेश सिंह आदि उपस्थित रहे।

अखिल भारतीय साहित्य एवं संस्कृति संस्थान का लोकार्पण एवं सम्मान समारोह

अखिल भारतीय साहित्य एवं संस्कृति संस्थान का लोकार्पण एवं सम्मान समारोह      
                
                          दिनाँक 17 फरवरी, 2012 को अखिल भारतीय साहित्य एवं संस्कृति संस्थान द्वारा प्रेस क्लब, कम्पनी बाग मुरादाबाद में लोकार्पण एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत माँ शारदे के चित्र पर मार्ल्यापण करके की गई।
महाकवि ब्रजभूषण सिंह गौतम अनुराग को सम्मानित
                           इस अवसर पर महाकवि ब्रजभूषण सिंह गौतम अनुराग को सम्मानित किया गया तथा उनके अभिनन्दन ग्रंथ 'आंगन से आकाश तक', नवगीत संग्रह 'अपने अपने सूरज' एवं गद्यगीत संग्रह 'साँसों की समाधी' का भी लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर ब्रजभूषण सिंह गौतम अनुराग ने अपनी कुछ रचनाओं का पाठ भी किया। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने ब्रजभूषण सिंह गौतम अनुराग के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला तथा उन्हे विश्व कवि माना।
                          कार्यक्रम की अध्यक्षता डा. अवनीश सिंह चौहान (असि. प्रोफेसर टी.एम.यू., मुरादाबाद) ने की। मुख्य अतिथि डा. गीता परिहार तथा विशिष्ट अतिथि डा. पूनम सिंह (गाजियावाद) और श्री मधुकर अष्ठाना (लखनऊ) रहे। कार्यक्रम का संचालन श्री अशोक विश्नोई ने किया और सरस्वती वन्दना अंकित गुप्ता अंक ने प्रस्तुत की।
                         कार्यक्रम में जितेन्द्र कुमार जौली, योगेन्द्र पाल सिंह विश्नोई, विकास मुरादाबादी, शिशुपाल मधुकर, सतीश सार्थक, अशोक विश्नोई, राकेश जैसवाल, रामसिंह नि:शंक, अतुल जौहरी, मनोज रस्तोगी, रघुराज निश्चल, वीरेन्द्र ब्रजवासी, डा. अजय अनुपम, राजीव सक्सेना, मक्खन मुरादाबादी, डा. कृष्ण कुमार नाज़, योगेन्द्र वर्मा व्योग, परवाना कुहाड़िया आदि रचनाकार उपस्थित रहे।

शनिवार, 16 फ़रवरी 2013



धूमधाम से मनायी गयी बसन्त पंचमी और निराला जयन्ती
                                
छात्राओं शिल्पी वर्मा तथा पारुल भटनागर को पाँच-पाँच 
सौ रुपये भेंट कर सम्मानित किया गया
                               दिनाँक 15 फरवरी, 2013 को हिन्दी साहित्य संगम की ओर से आकाँक्षा विद्यापीठ मिलन विहार, मुरादाबाद में बसन्त पंचमी और निराला जयन्ती के अवसर पर कवि-गोष्ठी एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण करके की गई।
संचालन करते जितेन्द्र कुमार जौली
                               इसके बाद गिरीश चन्द्र गुप्ता और अजय अनुपम ने सूर्यकांत त्रिपाठी निराला के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। इसके बाद रामदत्त द्विवेदी ने विद्यालय की दो छात्राओं शिल्पी वर्मा तथा पारुल भटनागर को पाँच-पाँच सौ रुपये भेंट कर सम्मानित किया गया। 
                               कार्यक्रम मे मनोज वर्मा मनु, रामसिंह नि:शंक, विकास मुरादाबादी, गिरीश चन्द्र गुप्ता, रघुराज सिंह निश्चल, रामदत्त द्विवेदी, जितेन्द्र कुमार जौली आदि ने काव्यपाठ किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री  राजेन्द्र मोहन शर्मा श्रृंग ने की। मुख्य अतिथि गिरीश चन्द्र गुप्ता  तथा विशिष्ट अतिथि हिमाँशु यादव रहे। सरस्वती वन्दना रामसिंह नि:शंक तथा कार्यक्रम का संचालन जितेन्द्र कुमार जौली ने किया।


गुरुवार, 14 फ़रवरी 2013

उपन्यास 'पूरनआशा' का विमोचन

 उपन्यास 'पूरनआशा' का विमोचन

                              दिनाँक 14 फरवरी, 2012 को रामेश्वर प्रसाद वशिष्ठ द्वारा रचित उपन्यास 'पूरनआशा' का विमोचन जम्भेश्वर विश्नोई धर्मशाला, लाइनपार, मुरादाबाद में किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत माँ शारदे के चित्र पर मार्ल्यापण करके की गई।
रामेश्वर प्रसाद वशिष्ठ द्वारा रचित उपन्यास 'पूरनआशा' का विमोचन
                             कार्यक्रम में  योगेन्द्र वर्मा व्योम, कृष्ण कुमार नाज़, अनुराग गौतम, अशोक विश्नोई, अम्बरीष गर्ग, रामसिंह नि:शंक, राजेन्द्र मोहन शर्मा श्रृंग, मनोज मनु, रघुराज सिंह निश्चल, रामदत्त द्विवेदी, मक्खन मुरादाबादी आदि ने काव्यपाठ किया तथा कृति के विषय में अपने विचार प्रस्तुत किये। 
                             कार्यक्रम की अध्यक्षता योगेन्द्र पाल सिंह विश्नोई ने की। मुख्य अतिथि डॉ0 मीना कॉल तथा विशिष्ट अतिथि रामेश्वर प्रसाद वशिष्ठ रहे। संचालन अम्बरीष गर्ग ने किया।


मंगलवार, 12 फ़रवरी 2013

'युगों की प्रतिक्षा' का विमोचन

'युगों की प्रतिक्षा' का विमोचन

'युगों की प्रतीक्षा' का विमोचन किया गया
                              दिनाँक 10 फरवरी, 2012 को सतीश सार्थक द्वारा रचित पुस्तक 'युगों की प्रतीक्षा' का विमोचन शिव वरदान सनातन धर्म मन्दिर रेलवे हरथला कालोनी में किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत माँ शारदे के चित्र पर मार्ल्यापण करके की गई।
                             पुस्तक 'युगों की प्रतीक्षा' गीत, गज़ल एवं कविताओं का संग्रह है। इस अवसर पर सतीश सार्थक ने अपनी कुछ रचनाओं का पाठ भी किया। कार्यक्रम में योगेन्द्र पाल सिंह विश्नोई, विकास मुरादाबादी, शिशुपाल मधुकर, मुकुल रुहेला, अशोक विश्नोई, अम्बरीष गर्ग, रामसिंह नि:शंक, राजदीप रुहेला, मनोज रुहेला, रघुराज निश्चल, रामदत्त द्विवेदी, मधुलिका रुहेला आदि उपस्थित थे।
                             कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ0 अजय अनुपम ने की। मुख्य अतिथि राजीव सक्सेना तथा विशिष्ट अतिथि मक्खन मुरादाबादी रहे। संचालन डॉ0 कृष्ण कुमार नाज़ ने किया।


गणतंत्रता

गणतंत्रता

डॉ0 ओम आचार्य
गणतंत्रता की हर मनुष्य बात कर रहा ।
वह दूसरो के संग किन्तु घात कर रहा॥

अपराध की स्वतंत्रता किसके लिए कहाँ,
यह जानते हुए भी तो उत्पात कर रह॥

सिद्धान्त, समता, एकता की कोरी बात है,
अवसर को देखते ही, जात-पात कर रहा॥

पहचानता नही उसे जिसने बड़ा किया,
बनकर बड़ा, बड़ो से मुलाकात कर रहा॥

कमजोर भीख माँगता है न्याय, दया की,
सुनता नही बलवान वज्रपात कर रहा॥

परदे में झाँकियेगा नही हो रहा है क्या,
देखो सफेदपोश सबको मात कर रहा॥
-डॉ0 ओम आचार्य,
लाइनपार, मुरादाबाद