शुक्रवार, 23 नवंबर 2012

अखिल भारतीय साहित्य कला मंच: साहित्यकार सम्मान समारोह- 2012

                                   14 अक्टूबर, 2012; अखिल भारतीय साहित्य कला मंच, उ.प्र. (भारत) द्वारा आयोजित साहित्य समारोह में मंच द्वारा हिन्दी साहित्य के क्षेत्र में विविध उपलब्धियों के लिए तीस विभूतियों को सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम का समारम्भ मुख्य अतिथि डॉ. दीनानाथ सिंह (मुंगेर), कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रख्यात हिन्दी सेवी डॉ. राम अवतार शर्मा, (आगरा), विशिष्ट अतिथि डॉ. तंकमणि अम्मा, (केरल); डॉ. निजामुद्दीन (जम्मू व कश्मीर) और डॉ. अंजना संधीर, (अहमदाबाद) द्वारा सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन करने के साथ हुआ। तत्पश्चात सरस्वती वन्दना प्रस्तुत की।मंच के संरक्षक श्री लक्ष्मण प्रसाद अग्रवाल (मुरादाबाद), श्री राजकुमार अग्रवाल और श्री मनोज कुमार अग्रवाल (चाँदपुर) ने मुख्य अतिथि, कार्यक्रम अध्यक्ष, और विशिष्ट अतिथियों को बैज लगाकर एवं माल्यार्पण करके स्वागत किया। स्वागत भाषण श्री मनोज कुमार अग्रवाल, संरक्षक-मंच ने प्रस्तुत किया।

                                  कार्यक्रम के प्रारम्भ में कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ. रामअवतार शर्मा (आगरा), और मुख्य अतिथि डॉ. दीनानाथ सिंह, द्वारा डॉ कमलेश, की शोधकृति 'रूहेलखण्ड विश्वविद्यालय परिक्षेत्र के हिन्दी प्राध्यापकों का हिन्दी को योगदान', डॉ. जयति देवी की शोधकृति 'शमशेर की साहित्य साधना' और डॉ. शीनुल इस्लाम मलिक की शोध-कृति- ‘कालिदास के नाटकों में पर्यावरण चेतना’ तथा डॉ. महेश ‘दिवाकर’, डॉ. रामगोपाल भारतीय और डॉ. मीना कौल द्वारा सम्पादित ‘उत्तर प्रदेश के साहित्यकार- भाग-2’, डॉ. महेश ‘दिवाकर’, डॉ. मीना कौल तथा डॉ. अभय कुमार द्वारा लिखित ‘हिन्दी गीत काव्य के विविध सोपान’, डॉ. मंजू चैहान की शोधकृति ‘गोपालदास ‘नीरज’ के काव्य में जीवन मूल्य’ और डॉ. महेश ‘दिवाकर’ और डॉ.मीना कौल द्वारा सम्पादित ‘भ्रष्टाचार के विरूद्ध’ का लोकार्पण किया गया। 

                              तत्पश्चात् साहित्य सृजन हेतु डॉ. तंकमणि अम्मा, तिरूअनंतपुरम्; डॉ. अमरनाथ, कोलकाता; डॉ. जी. पद्मजा देवी, तिरूपति; डॉ. सुरेश माहेश्वरी, अमलनेर; डॉ. सुरपनेनि शेषारत्नम्, विशाखापट्टनम; श्री मुरलीधर पाण्डेय, मुम्बई; डॉ. सी.मणिकन्ठम्, चेन्नै; डॉ. सूर्यदीन यादव, नाडियाड़; डॉ. रामअवतार शर्मा, आगरा; डॉ. दीनानाथ सिंह, मुंगेर; डॉ. निजामुद्दीन, श्रीनगर; डॉ. एम. रंगैय्या, सिकन्दराबाद; डॉ. देवेनचन्द्रदास ‘सुदामा’, गुवाहाटी; डॉ. बी. पी. फिलिप, कोहिमा; डॉ. अंजना संधीर, अहमदाबाद; डॉ. रीता सिंह, कुल्लू; डॉ. आलोक कुमार रस्तोगी, दिल्ली; डॉ. संदीप अवस्थी, अजमेर; डॉ. अमृतलाल मदान, कैथल; श्री अशोक सिंघई, भिलाईनगर; डॉ. बीना बुदकी, गाजियाबाद; श्री आद्याप्रसाद सिंह ‘प्रदीप’, सुल्तानपुर; श्री मनोज कुमार ‘मनोज’, मेरठ; श्री वीरेन्द्र ‘आस्तिक’, कानपुर; श्री जगदीशप्रसाद बरनवाल, आज़मगढ़; श्री सुनील कुमार शर्मा, मुरादाबाद; डॉ. रामेश्वरप्रसाद गुप्त, दतिया; श्री शचीन्द्र भटनागर, मुरादाबाद; श्री ज्ञानस्वरूप सक्सैना ‘कुमुद’, बरेली; श्री मनोज ‘अबोध’, बिजनौर; और श्री रूपनारायण सोनकर, मसूरी को मंच की ओर से विविध सम्मानों से सम्मानित /पुरस्कृत किया गया। उन्हें शाल, प्रतीक चिन्ह, सम्मान पत्र और नकद राशि भेंट की गयी। 

                             इसी अवसर पर कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ. रामअवतार शर्मा ने ‘भारतीय संसद और हिन्दी की भूमिका’ पर बोलते हुए कहा कि आजादी के बाद से ही भारतीय लोकसेवकों की राजनीतिक अदूरदर्शिता के कारण हिन्दी निरन्तर उपेक्षित हो रही है। उन्होंने साहित्यकारों का आह्नान किया कि वे सरकार की हिन्दी विरोधी नीतियों का खुलकर विरोध करें। मुख्य अतिथि डॉ. दीनानाथ सिंह ने ‘हिन्दी की दशा एवं दिशा’ पर अपना वक्तव्य देते हुए हिन्दी की उपयोगिता पर प्रकाश डाला और दक्षिण के साहित्यकारों की उपेक्षा की ओर भी इंगित किया। विशिष्ट अतिथि डॉ. तंकमणि अम्मा, ने भी साहित्य के महत्व और साहित्यकार के दायित्व को उद्घाटित किया। विशिष्ट अतिथि डॉ. अंजना संधीर ने वैश्विक एकता में हिन्दी साहित्य की महत्ता और साहित्यकार के दायित्व पर प्रकाश डाला और विशिष्ट अतिथि डॉ. निजामुद्दीन ने जम्मू एवं कश्मीर में हिन्दी की दशा एवं दिशा पर प्रकाश डाला। कानपूर से पधारे वीरेंद्र आस्तिक ने कहा- 'प्रतिवर्ष हिन्दी पखवाड़ा मनाया जाता है जोकि अब एक कर्मकांड में बदल चुका है। क्योंकि उस दिन हम जो भी संकल्प लेते है उसे दूसरे दिन ही भूल जाते हैं। अब हिन्दी दिवस पर न कोई विशेष सक्रियता दिखाई पड़ती है और न ही उसके प्रति कोई प्रतिबद्धता या जवाबदेही। योजनाएँ सिर्फ कागज़ तक ही सीमित रह जाती हैं।' डॉ. अमरनाथ (कोलकाता) ने कहा- ' हिन्दी विकीपीडिया पर चौथे स्थान पर है और यदि भारत की सभी बोलियों को हिन्दी के साथ जोड़कर देखा जाये तो यह विश्व में प्रथम स्थान प्राप्त कर लेगी। डॉ. रीता सिंह ने कहा- 'हिन्दी हम सब की भाषा है और इसके उत्थान के लिए हम सभी को प्रयास करने होंगे। इस अवसर पर सम्मानित साहित्यकारों ने संस्कृति एवं साहित्य के संवर्धन में साहित्यकारों की भूमिका को बताया। कार्यक्रम का संचालन डॉ अम्बरीष कुमार गर्ग एवं विवेक निर्मल ने संयुक्त रूप में किया। आभार संस्थापक अध्यक्ष- डॉ. महेश ‘दिवाकर’ ने किया। 

                                समारोह में इस अवसर पर अनेक प्रान्तों के साहित्यकार मौजूद थे। प्रो. रामप्रकाश गोयल (बरेली); डॉ. परमेश्वर गोयल (पूर्णिया); डॉ. प्रभा कपूर, डॉ. पी. के. शुक्ल, डॉ. विनोद कुमार पाण्डेय (मुरादाबाद); डॉ शमा परवीन; डॉ. मनीषा मित्तल; डॉ. अरूण रानी (चाँदपुर); रवीन्द्र मोहन ‘अनगढ़’; रामप्रकाश ‘ओज’, डॉ. मीना कौल (मुरादाबाद); डॉ. दिनेश चमोला (देहरादून), डॉ. ऋजु पंवार (मेरठ); रमेश सोबती (फगवाड़ा);डॉ. विनोद कुमार ‘प्रसून’ (नोयडा); डॉ. सुनील अग्रवाल (चन्दौसी); डॉ. रघुवीरशरण शर्मा (रामपुर); अनिल शर्मा ‘अनिल’ (धामपुर); सत्यपाल सत्यम, समीर मण्डल, डॉ. सुधाकर ‘आशावादी’, सुमनेश ‘सुमन’, कौशल कुमार, श्री अनिल सिसौदिया, (मेरठ); डॉ. आर.सी.शुक्ला, डॉ. दीपक बुदकी, डॉ. गंगेश गुंजन, अशोक ज्योति (नई दिल्ली), डॉ. नीरू कपूर, डॉ. राजीव शर्मा, डॉ. चन्द्रभान सिंह यादव, डॉ. मुकेश कुमार गुप्ता, पुष्पेन्द्र वर्णवाल, माहेश्वर तिवारी, ब्रजभूषण सिंह गौतम ‘अनुराग’, डॉ. मयंक पंवार, डॉ. अभय कुमार, डॉ. स्वाति पंवार, डॉ. अनुराधा पंवार, महेश पाल सिंह राघव, योगेन्द्र पाल सिंह विश्नोई, रामलाल ‘अन्जाना’, वीरेन्द्र ‘बृजवासी’, अशोक विश्नोई, मीना नकवी, राजीव सक्सेना, ओंकार सिंह ओंकार, आनन्द गौरव, कृष्ण कुमार नाज़, चन्द्रशेखर ‘मयूर’, सतीश फ़िगार, श्री योगेन्द्र ‘व्योम’, जिया जमीर, ओमराज, श्री अतुल जौहरी, श्री शिवशंकर यजुर्वेदी, फक्कड़ मुरादाबादी, विवेक ‘निर्मल’, जितेन्द्र जौली, अवनीश सिंह चैहान आदि साहित्यकार उपस्थित थे। कार्यक्रम के द्वितीय चरण में स्थानीय और बाहर से आये साहित्यकारों की कविगोष्ठी भी आयोजित की गयी। आभार अभिव्यक्ति संस्था के संस्थापक-अध्यक्ष, कर्मयोगी-साहित्यकार डॉ. महेश दिवाकर जी ने की।

शनिवार, 13 अक्टूबर 2012

अखिल भारतीय साहित्य कला मंच करेगा साहित्यकारों को सम्मानित

अखिल भारतीय साहित्य कला मंच करेगा साहित्यकारों को सम्मानित
                                  अखिल भारतीय साहित्य कला मंच द्वारा दिनाँक 14 अक्टूबर, 2012 को शहनाई मण्डप, मुरादाबाद में 26 वे वार्षिक साहित्य समारोह का आयोजन किया जायेगा। पुस्तकों का लोकार्पण, साहित्यकार सम्मान एवं कवि गोष्ठी कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहेंगी। मंच के संस्थापक अध्यक्ष डॉ0 महेश दिवाकर ने बताया कि इस वर्ष 30 साहित्यकारों को सम्मानित किया जायेगा।
                                 इस बार केरल के डॉ0 टंकमणि अम्मा, कोलकाता के डॉ0 अमरनाथ, आंध्र प्रदेश की डॉ0 जी0पद्‌मजा देवी, महाराष्ट्र के डॉ0 सुरेश माहेश्वरी, विशाखापट्टनम्‌ के डॉ0 सुरपनेनि शेषारत्नम्‌, मुम्बई के श्री मुरलीधर पाण्डेय, चेन्नई के डॉ0 सी मणिकंठन, गुजरात के डॉ0 सूर्यदीन यादव, आगरा के डॉ0 रामावतार शर्मा, बिहार के डॉ0 दीनानाथ सिंह, जम्मू कश्मीर के डॉ0 निज़ामुद्दीन, सिकन्दराबाद के डॉ0 एम0 रंगैय्या, असम के डॉ0 देवेनचन्द्रदास सुदामा, नागालैण्ड के डॉ0 बी0पी0 फिलिप, अहमदाबाद के डॉ0 अंजना संधीर, हिमाचल प्रदेश की डॉ0 रीता सिंह, दिल्ली के डॉ0 आलोक कुमार रस्तोगी, हरियाणा के डॉ0 अमृतलाल मदान, छत्तीसगढ़ के श्री अशोक सिंधई, गाजियावाद कीडॉ0 बीना बदुकी, सुल्तानपुर के श्री आद्याप्रसाद सिंह प्रदीप, मेरठ के श्री मनोज कुमार मनोज, कानपुर के श्री वीरेन्द्र आस्तिक, आजमगढ़ के श्री जगदीशप्रसाद बरनवाल कुंद, मुरादाबाद के श्री सुशील कुमार शर्मा, भोपाल के श्री कुंवर किशोर टंडन, मुरादाबाद के श्री शचीन्द्र भटनागर, बरेली के श्री ज्ञानस्वरूप सक्सेना कुमुद, लखनऊ के श्री मुनुवा सिंह चौहान, तथा मंसूरी के श्री रूपनारायण सोनकर को सम्मानित किया जायेगा। 
                              सभी रचनाकारो को सम्मान स्वरूप मानपत्र, शॉल, प्रतीक चिन्ह तथा नकद धनराशि भी दी जायेगी। 

हिन्दी साहित्य संगम का लोकार्पण समारोह

हिन्दी साहित्य संगम का लोकार्पण समारोह   
                             दिनाँक 7 अक्टूबर, 2012 को हिन्दी साहित्य संगम की ओर से मिलन विहार में कवि-गोष्ठी एवं लोकार्पण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण करके की गई। इसके बाद कवि-गोष्ठी में रचनाकारों ने काव्यपाठ किया। कार्यक्रम में मुरादाबाद साहित्यकार दूरभाष निर्देशिका का लोकार्पण किया गया। दूरभाष निर्देशिका मुरादाबाद के 62 साहित्यकारों के मोबाइल एवं टेलीफोन नम्बरों तथा पतों का संकलन है, जिन्हे योगेन्द्र वर्मा व्योम द्वारा संकलित किया गया है।
                            कार्यक्रम मेँ विकास मुरादाबादी, रामसिंह नि:शंक, योगेन्द्र वर्मा व्योम, यू0पी0 सक्सेना, विजय सिंह, रामदत्त द्विवेदी, रघुराज सिंह निश्चल, ओमकार सिंह ओंकार, गिरीश चन्द्र गुप्ता आदि ने काव्यपाठ किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ0 महेश दिवाकर ने की। मुख्य अतिथि मीना नक़वी तथा विशिष्ट अतिथि राजीव सक्सेना और आनन्द गौरव रहे। कार्यक्रम का संचालन जितेन्द्र कुमार जौली ने किया।

शुक्रवार, 12 अक्टूबर 2012

हिन्दी दिवस की पूर्व संध्या पर आनन्द गौरव सम्मानित

हिन्दी दिवस की पूर्व संध्या पर आनन्द गौरव सम्मानित
                                    
                   आज दिनाँक 13 सितम्बर, 2012 को मुरादाबाद की 6 साहित्यिक संस्थाओं हिन्दी साहित्य संगम, काव्य संदेश, सरस्वती परिवार, उत्कर्ष, अक्षरा और मिलन की ओर से हिन्दी दिवस की पूर्व संध्या पर दिव्य सरस्वती बालिका इण्टर कॉलिज, लाइनपार मुरादाबाद में हिन्दी दिवस समारोह मनाया गया। कार्यक्रम में मुरादाबाद के प्रसिद्ध उपन्यासकार और गीतकार श्री आनन्द कुमार को साहित्य गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया तथा 'आधुनिक समय में हिन्दी की दशा एवं दिशा' विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।
                                       इसके बाद कवि गोष्ठी का आयोजित की गयी, जिसमें ओमाचार्या, प्रेमकुमारी कटियार, प्रेमवती उपाध्याय, जितेन्द्र कुमार जौली, अम्बरीश गर्ग, रामदत्त द्विवेदी, रघुराज सिंह निश्चल, विकास मुरादाबादी, वीरेन्द्र ब्रजवासी, विवेक निर्मल, अनुराग गौतम आदि ने काव्यपाठ किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता माहेश्वर तिवारी तथा संचालन योगेन्द्र वर्मा व्योम ने किया।

साहित्यकार का लोकार्पण

साहित्यकार का लोकार्पण
साहित्यकार का लोकार्पण
                                         दिनाँक 9 सितम्बर, 2012 को आकाँक्षा विद्यापीठ इण्टर कॉलिज मिलन विहार, मुरादाबाद में निरुपमा प्रकाशन मेरठ द्वारा प्रकाशित तथा मुकेश नादान द्वारा सम्पादित काव्यकृति साहित्यकार का लोकार्पण किया गया। 
                                         कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण तथा सरस्वती वन्दना से की गई। पुस्तक में मुरादाबाद के रचनाकार रघुराज सिंह निश्चल सहित पाँच रचनाकारो की रचनाएँ प्रकाशित की गई हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता सतीश फिगार ने की। मुख्य अतिथि राजीव सक्सेना एवं मुकेश नादान तथा विशिष्ट अतिथि अशोक विश्नोई रहे। संचालन अम्बरीश गर्ग ने किया ।
                                         इसके बाद आयोजित कवि गोष्ठी में विकास मुरादाबादी, रामसिंह नि:शंक, योगेन्द्र वर्मा व्योम, यू0पी0 सक्सेना, जितेन्द्र कुमार जौली, रामदत्त द्विवेदी, रघुराज सिंह निश्चल, ओमकार सिंह ओंकार आदि ने काव्यपाठ किया।

मंगलवार, 4 सितंबर 2012

हिन्दी साहित्य संगम की कवि गोष्ठी

हिन्दी साहित्य संगम की कवि गोष्ठी 
                                   दिनाँक 2 सितम्बर, 2012 ई0 को हिन्दी साहित्य संगम की ओर से मिलन धर्मशाला, मिलन विहार, मुरादाबाद में मासिक कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में रचनाकारों ने अंतर्मन को छू जाने वाली भावनाओं से ओत-प्रोत रचनाओं का पाठ किया। रचनाकारों ने काव्यपाठ के द्वारा मुरादाबाद में जलभराव एवं वर्षा से सम्बन्धित रचनाएँ प्रस्तुत की।
                                  कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण करके की गई। सरस्वती वन्दना वीरेन्द्र सिंह ब्रजवासी द्वारा प्रस्तुत की गई।  कार्यक्रम मेँ विकास मुरादाबादी, रामसिंह नि:शंक, योगेन्द्र वर्मा व्योम, यू0पी0 सक्सेना, दयाराम पुरुषार्थी, अतुल जौहरी, रामदत्त द्विवेदी, के0के0 सक्सेना, रघुराज सिंह निश्चल, ओमकार सिंह ओंकार, गिरीश चन्द्र गुप्ता आदि ने काव्यपाठ किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सतीश गुप्ता फ़िगार ने की। मुख्य अतिथि अशोक विश्नोई तथा विशिष्ट अतिथि विकास मुरादाबादी रहे। कार्यक्रम का संचालन जितेन्द्र कुमार जौली ने किया।

मंगलवार, 28 अगस्त 2012

माहेश्वर तिवारी साहित्यादित्य सम्मान से सम्मानित

माहेश्वर तिवारी साहित्यादित्य सम्मान से सम्मानित  
                                   
माहेश्वर तिवारी कोसाहित्यादित्य सम्मान से सम्मानित किया गया
                                    दिनाँक 26 अगस्त, 2012 ई0 को मुरादाबाद की 7 साहित्यिक संस्थाओं अक्षरा, विप्रा कला साहित्य मंच, परमार्थ, अंतरा, हिन्दी साहित्य संगम,  साहित्य सदन, राष्ट्रभाषा हिन्दी प्रचार समिति की ओर से कम्पनी बाग स्थित प्रेस क्लब मुरादाबाद में श्री माहेश्वर तिवारी को आकाशवाणी के केन्द्रीय संग्रहालय में आर्काइव के रुप में विशेष उपलब्धि के लिए  साहित्यादित्य सम्मान से सम्मानित किया गया। 
                                   कार्यक्रम की शुरुआत माँ शारदे के चित्र पर माल्यार्पण करके की गई। सरस्वती वन्दना वीरेन्द्र सिंह ब्रजवासी ने प्रस्तुत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता शचीन्द्र भटनागर ने की तथा मुख्य अतिथि डॉ0 बुद्धिनाथ मिश्र रहे। कार्यक्रम का संचालन आनन्द गौरव ने किया।  शचीन्द्र भटनागर, मीना नक़वी, अजय अनुपम, विकास मुरादाबादी, शिव अवतार सरस, विवेक निर्मल, जितेन्द्र कुमार जौली, प्रेमवती उपाध्याय, अशोक विश्नोई, रामदत्त द्विवेदी, योगेन्द्र वर्मा व्योम आदि लोग मौजूद थे।