शनिवार, 24 जून 2017

आजादी के दीवाने - श्री फक्कड़ मुरादाबादी



पुस्तक परिचय


कृति : आजादी के दीवाने (देशभक्ति गीत-संग्रह)
सर्वाधिकार : कवि
रचनाकार : श्री फक्कड़ मुरादाबादी
 रामगंगा विहार कालोनी, 1-2, बसेरा नगर सहकारी समिति, 
निकट विल्सोनिया डिग्री कालिज, मुरादाबाद - 244001 (उ.प्र.)
मोबाइल : 09410238638
संस्करण : प्रथम
प्रकाशन वर्ष : 2014
पृष्ठ : 16
मूल्य : देश प्रेम
प्रकाशक : सागर तरंग प्रकाशन,
डी-12, अवंतिका कालोनी, एम.डी.ए., मुरादाबाद (उ.प्र.)
मोबाइल : 9411809222


AAZADI KE DEEWANE BY FAKKAR MORADABADI




सौगंध देश की माटी की - श्री फक्कड़ मुरादाबादी



पुस्तक परिचय


कृति : सौगंध देश की माटी की (देशभक्ति गीत-संग्रह)
सर्वाधिकार : कवि
रचनाकार : श्री फक्कड़ मुरादाबादी
 रामगंगा विहार कालोनी, 1-2, बसेरा नगर सहकारी समिति, 
निकट विल्सोनिया डिग्री कालिज, मुरादाबाद - 244001 (उ.प्र.)
मोबाइल : 09410238638
संस्करण : प्रथम
प्रकाशन वर्ष : 2015
पृष्ठ : 16
मूल्य : देश प्रेम
प्रकाशक : सागर तरंग प्रकाशन,
डी-12, अवंतिका कालोनी, एम.डी.ए., मुरादाबाद (उ.प्र.)
मोबाइल : 9411809222


SAUGANDH DESH KI MATI KI BY FAKKAR MORADABADI




चंदन है इस देश की माटी  - श्री फक्कड़ मुरादाबादी



पुस्तक परिचय


कृति : चंदन है इस देश की माटी (देशभक्ति गीत-संग्रह)
सर्वाधिकार : कवि
रचनाकार : श्री फक्कड़ मुरादाबादी
 रामगंगा विहार कालोनी, 1-2, बसेरा नगर सहकारी समिति, 
निकट विल्सोनिया डिग्री कालिज, मुरादाबाद - 244001 (उ.प्र.)
मोबाइल : 09410238638
संस्करण : प्रथम
प्रकाशन वर्ष : 2016
पृष्ठ : 16
मूल्य : देश प्रेम
प्रकाशक : सागर तरंग प्रकाशन,
डी-12, अवंतिका कालोनी, एम.डी.ए., मुरादाबाद (उ.प्र.)
मोबाइल : 9411809222


CHANDAN HAI IS DESH KI MATI BY FAKKAR MORADABADI




भानुमति ने कुनबा जोड़ा  - श्री फक्कड़ मुरादाबादी



पुस्तक परिचय


कृति : भानुमति ने कुनबा जोड़ा  (हास्य-व्यंग, मुक्तक- संग्रह)
सर्वाधिकार : कवि
रचनाकार : श्री फक्कड़ मुरादाबादी
 रामगंगा विहार कालोनी, 1-2, बसेरा नगर सहकारी समिति, 
निकट विल्सोनिया डिग्री कालिज, मुरादाबाद - 244001 (उ.प्र.)
मोबाइल : 09410238638
संस्करण : प्रथम
प्रकाशन वर्ष : 2014
पृष्ठ : 112
मूल्य : 150 रुपये
प्रकाशक : सागर तरंग प्रकाशन,
डी-12, अवंतिका कालोनी, एम.डी.ए., मुरादाबाद (उ.प्र.)
मोबाइल : 9411809222


BHANUMATI NE KUNBA JOORA BY FAKKAR MORADABADI



हमारे महापुरुष का किया गया लोकार्पण 

जितेन्द्र कुमार जौली की  पुस्तक 'हमारे महापुरुष' का किया गया लोकार्पण 

            दिनांक 26 मार्च, 2017 को अखिल भारतीय अम्बेडकर युवक संघ की एक बैठक सिविल लाइन्स, मुरादाबाद स्थित डॉ0 अम्बेडकर पार्क में आयोजित की गई। बैठक में अखिल भारतीय अम्बेडकर युवक संघ द्वारा प्रकाशित एवं जितेन्द्र कुमार जौली द्वारा लिखित पुस्तक 'हमारे महापुरुष' (जीवनी संग्रह) का लोकार्पण किया गया। 


            पुस्तक के सम्पादक एवं संघ के राष्ट्रीय महासचिव श्री महेंद्र पाल सिंह ने बताया कि हमारी नई पीढ़ी को यह मालूम नहीं कि हमारे लिए किसने क्या किया है? यह पुस्तक नई पीढ़ी को हमारे महापुरुषों के जीवन परिचय एवं त्याग से परिचित कराएगी।


             संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री दौलत सिंह ने बताया कि अखिल भारतीय अम्बेडकर युवक संघ के तत्वावधान में दिनांक 9 अप्रैल,  2017 को प्रातः 11:00 बजे से चित्रगुप्त  इण्टर कॉलेज, मुरादाबाद में 'डाॅ0 अम्बेडकर सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता' का आयोजन किया जाएगा। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रतियोगियों को तैयारी हेतु 'हमारे महापुरुष' पुस्तक प्रदान की जाएगी। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए संघ के प्रमुख पदाधिकारियों से सम्पर्क कर सकते हैं। प्रतियोगिता का प्रभारी जितेन्द्र कुमार जौली को बनाया गया है।

             बैठक में समाज में होने वाली दलित विरोधी घटनाओं की जानकारी संघ को उपलब्ध कराने के लिए एक कमेटी बनाई गई। जिसका प्रभारी श्री जयपाल सिंह को बनाया गया तथा सहयोग के लिए श्री मुकेश कुमार गौतम तथा गुलजारी सिंह को नामित किया गया।

             बैठक में श्री दौलत सिंह, महेन्द्र पाल सिंह, मुकेश कुमार गौतम, महावीर प्रसाद मौर्या, जितेन्द्र कुमार जौली, जयपाल सिंह, कृष्णपाल सिंह, जगदीश चंद्र, राजेश कुमार, हरगोविंद सिंह, राम सिंह गौतम, ग्रंथ सिंह, बी0 एस0 भारती, तारा सिंह, बाली सिंह भारती, भयंकर सिंह बौद्ध, करन सिंह, रविन्द्र सिंह, राजेंद्र चौधरी, भारत सिंह आदि ने भाग लिया।

सोमवार, 6 फ़रवरी 2017

मतदाता जागरूकता के नाम रही हिन्दी साहित्य संगम की कवि गोष्ठी 

हिन्दी साहित्य संगम की  फरवरी माह की कवि गोष्ठी 

दिनांक 5 फरवरी, 2017 को साहित्यिक संस्था, 'हिन्दी साहित्य संगम' की मासिक काव्य-गोष्ठी, आकांक्षा विद्यापीठ इंटर कॉलेज, मिलन विहार, मुरादाबाद में सम्पन्न हुई l
काव्य-गोष्ठी का शुभारम्भ, अतिथियों द्वारा माँ शारदे के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलन एवं  श्री योगेन्द्र वर्मा 'व्योम' द्वारा प्रस्तुत माँ शारदे की वन्दना से हुआ l



काव्य गोष्ठी में उपस्थित कवियों ने अपने उद्गार कुछ इस प्रकार व्यक्त किया-

जितेन्द्र कुमार "जौली'-
"जिन नेताओं के दिल में,
भरा हुआ है खोट l
उन्हें कभी मत दीजिए,
अपना कीमती वोट"l

राजीव 'प्रखर' -
"आज़ादी के बाद की,
कैसी यह तस्वीर l
कदम-कदम पर बिक रहे,
भारत के रणधीर "l

योगेन्द्र वर्मा 'व्योम' -
"लोकतंत्र मजबूत हो,
बने अलग पहचान l
जाति-धर्म सब भूलकर,
करें सभी मतदान"l

हेमा तिवारी भट्ट -
"ग्रीष्म, शीत, वर्षा, हेमन्त, 
शिशिर का, मनमोहन कंत,
सखि आया बसंत"l

रामदत्त द्विवेदी -
"पीले-पीले फूलन को,
छत्तर धरायो सिर"l

रामेश्वर प्रसाद वशिष्ठ-
"आई हवा बसंती,
प्रणय-गीत लेकर"l

ओंकार सिंह 'ओंकार'-
"संगठन का काम करती थी सियासत अब मगर,
तोड़ना ही तोड़ना है, जोड़ना कुछ भी नहीं"l

योगेन्द्र पाल सिंह विश्नोई -
"हँसते-हँसते भी आँखों में,
आँसू आ जाते हैं l
रोने वाले भी जीवन का,
सुख पा जाते हैं"l

कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री योगेन्द्र पाल सिंह विश्नोई ने की l मुख्य अतिथि श्री ओंकार सिंह 'ओंकार' एवम् विशिष्ट अतिथि श्री रामेश्वर प्रसाद वशिष्ठ रहे l कार्यक्रम का संचालन राजीव 'प्रखर' ने किया l अंत में संस्था के अध्यक्ष, श्री रामदत्त द्विवेदी ने, सभी का आभार व्यक्त किया l

शनिवार, 14 जनवरी 2017

मकर संक्रान्ति के नाम रही राष्ट्रभाषा हिन्दी प्रचार समिति की काव्य गोष्ठी

सर्दी भी लिखने लगी, ठिठुरन वाले गीत


             दिनाँक 14 जनवरी, 2017 को राष्ट्रभाषा हिन्दी प्रचार समिति की ओर से विश्नोई धर्मशाला,  लाइनपार, मुरादाबाद में मासिक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। मकर संक्रान्ति के पावन पर्व पर आयोजित इस कार्यक्रम में खिचड़ी भोज भी कराया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ श्री वीरेंद्र सिंह ब्रजवासी जी ने सरस्वती वंदना से किया। 

काव्य पाठ करते हुए वीरेन्द्र सिंह 'ब्रजवासी'


            काव्य गोष्ठी में उपस्थित कवियों ने अपने उद्गार कुछ इस प्रकार व्यक्त किया-

रघुराज सिंह 'निश्चल' -
"यह शीत प्राण की लेवा है, यह शीत बड़ी दुखदाई है।
कितने ही इससे जूझ रहे, कितनों ने जान गवाई है।।"

रामसिंह 'निःशंक' -
"हम क्या से क्या हैं हो गये
क्या से क्या होंगे अभी।
प्रश्न है यह विचारणीय
आओ विचारें मिलकर सभी।।"

अशोक विश्नोई -
"जिस हृदय में वेदना संवेदना नहीं,
सही मायने में वह इन्सान नहीं।।"

कृपाल सिंह धीमान -
"कुछ न पूछो हाल बदतर और बदतर हो रहा है। 
बेवफा कुदरत हवाएं और बाधक हो रहा है।।"

के0 पी0 सिंह 'सरल' -
"धर्म कर्म का साथ है सदा से ही प्यारा सदा से ही प्यारा।
जीवन के मूल्यों को परखना है कर्तव्य हमारा।।"

योगेंद्र वर्मा 'व्योम' - 
"कुहरे ने जब धूप पर, पायी फिर से जीत।
सर्दी भी लिखने लगी, ठिठुरन वाले गीत।।" 

विवेक 'निर्मल' - 
"लम्हा लम्हा घटी जिंदगी 
हादसों से कटी जिंदगी 
राजपथ स्वप्न था ही नहीं 
कर्म पथ पर डटी जिंदगी।"

ओंकार सिंह 'ओंकार' - 
"रात अंधेरी में से ही तो भोर नई फूटेगी 
घोर निराशा में से आशा जीवन में उतरेगी" 

वीरेंद्र सिंह 'ब्रजवासी' - 
"दूर हुई थाली से रोटी, 
पेट हवा से भर लेना। 
आज नहीं कल पा जाओगे, 
थोड़ा धीरज धर लेना।।"

जितेन्द्र कुमार 'जौली' -
"घोटाले करके हुए, ये तो मालामाल। 
नेताओं ने कर दिया, बुरा देश का हाल।।"

रामदत्त द्विवेदी - 
"अब चुनाव के वास्ते, निश्चित अगला माह।
सभी करें मतदान हम, मन में भर उत्साह।।"

मनोज 'मनु' -
"त्रिभुवन तारिणी तरल तरंगे
 हर हर गंगे... हर हर गंगे...
 पाप विनाशिनी शुभ्र विहंगे
हर हर गंगे... हर हर गंगे..."

डॉ0 प्रेमवती उपाध्याय -
"चंदन है इस देश की माटी,
आओ नमन करें
शत-शत नमन करें,
आओ नमन करें"

जय प्रकाश विश्नोई -
"अनमोल तेरा जीवन तू यूँ ही गवाँ रहा है। 
किस ओर तेरी मंजिल किस ओर जा रहा है।।"

अशोक कुमार 'विद्रोही' -
"चहूँ दिशि फैली कीर्ति तुम्हारी
चहुँ दिशि फैलाया आनन्द
श्रद्धा सुमन समर्पित तुमको
 शत-शत नमन विवेकानन्द" 

टेकचंद शर्मा -
"मुझको यकीं है सच कहती थीं, 
जो भी अम्मी कहती थीं।
वह मेरे बचपन के दिन थे, 
चाँद में परियाँ रहती थीं।।"

             कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री रमेश चन्द्र यादव कृष्ण ने की। मुख्य अतिथि श्री अशोक विश्नोई तथा विशिष्ट अतिथि श्री ओंकार सिंह ओंकार  रहे। कार्यक्रम का संचालन श्री राम सिंह निःशंक ने किया।

             कार्यक्रम में योगेन्द्रपाल सिंह विश्नोई, अतर सिंह, चिन्तामणि शर्मा, प्रतीक बंसल, सुभाष चन्द्र शर्मा, काली चरन सिंह, दयाराम पुरुषार्थी, जयप्रकाश विश्नोई, महेन्द्र पाल गुप्ता, राकेश जैसवाल आदि लोग उपस्थित रहे।